Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana 2025: आज 83 लाख से अधिक किसानों को मिलेगी दूसरी किस्त की सौगात, खाते में आएगी इतनी राशि

Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana (एमकेकेवाई) मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 2020 में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। यह योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के पूरक के रूप में कार्य करती है, जहां किसानों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत किसानों को वार्षिक 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है, जो सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित होती है।

यह योजना किसानों को कृषि संबंधी खर्चों जैसे बीज, उर्वरक और उपकरणों के लिए मदद प्रदान करती है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है। अब तक, योजना के माध्यम से लाखों किसानों को लाभ पहुंचाया गया है, और 2025 तक 17,500 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए जा चुके हैं। यह योजना किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana क्या है

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक वित्तीय सहायता योजना है, जो राज्य सरकार द्वारा संचालित है। यह योजना मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों को लक्षित करती है, जो पहले से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकृत हैं। योजना के अंतर्गत, किसानों को केंद्र सरकार की 6,000 रुपये की सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार से 6,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं, जिससे कुल वार्षिक सहायता 12,000 रुपये हो जाती है। सहायता राशि तीन समान किस्तों (प्रत्येक 2,000 रुपये) में वितरित की जाती है: पहली अप्रैल-जुलाई, दूसरी अगस्त-नवंबर और तीसरी दिसंबर-मार्च के बीच।

योजना का प्रबंधन राजस्व विभाग द्वारा किया जाता है, और यह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पारदर्शी रूप से कार्यान्वित होती है। हाल ही में, 14 अगस्त 2025 को, मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा 83 लाख किसानों के खातों में 1,671 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए, जो पहली किस्त का हिस्सा है। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और फसल विफलता जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करती है।

Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana Overview

विशेषताविवरण
योजना का नाममुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना (एमकेकेवाई)
शुरूआत की तिथिसितंबर 2020
संचालक विभागराजस्व विभाग, मध्य प्रदेश सरकार
लक्षित लाभार्थीछोटे और सीमांत किसान, पीएम-किसान पंजीकृत
वित्तीय सहायता6,000 रुपये प्रति वर्ष (तीन किस्तों में 2,000 रुपये प्रत्येक)
कुल सहायता (पीएम-किसान सहित)12,000 रुपये प्रति वर्ष
आवेदन मोडऑनलाइन (cmhelpline.mp.gov.in) या ऑफलाइन (पटवारी के माध्यम से)
आधिकारिक वेबसाइटsaara.mp.gov.in या cmhelpline.mp.gov.in
कुल वितरित राशि (मार्च 2025 तक)17,500 करोड़ रुपये से अधिक
लाभार्थियों की संख्यालगभग 83 लाख किसान

Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana का उद्देश्य

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है, ताकि वे कृषि कार्यों को सुचारू रूप से चला सकें। योजना का लक्ष्य कृषि को लाभदायक व्यवसाय बनाना, आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। यह किसानों को बीज, उर्वरक और उपकरणों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराती है, जिससे फसल उत्पादन बढ़ता है।

योजना प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इसके अलावा, यह छोटे और सीमांत किसानों को सशक्त बनाती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनें और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। कुल मिलाकर, योजना किसानों के समग्र कल्याण और कृषि क्षेत्र के सतत विकास पर केंद्रित है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार होता है।

Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana के लाभ

  • किसानों को वार्षिक 6,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता, जो पीएम-किसान के साथ मिलकर 12,000 रुपये बनाती है।
  • प्रत्यक्ष हस्तांतरण: राशि सीधे बैंक खाते में जमा, कोई बिचौलिया नहीं।
  • कृषि खर्चों में मदद: बीज, उर्वरक, कीटनाशक और उपकरण खरीदने के लिए उपयोगी।
  • आपदा सुरक्षा: फसल विफलता या प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में सहायक।
  • आय वृद्धि: किसानों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है।
  • आधुनिक कृषि प्रोत्साहन: नई तकनीकों और प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
  • ग्रामीण विकास: राज्य की कृषि उत्पादकता बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है।

Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana की पात्रता

  • आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक के पास कृषि भूमि होनी चाहिए और वह सक्रिय रूप से खेती कर रहा हो।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
  • छोटे या सीमांत किसान होने चाहिए; बड़े किसान या आयकर दाता अयोग्य।
  • सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी नहीं होना चाहिए।
  • भूमि का उपयोग कृषि के लिए हो, न कि बेकार पड़ी हो।

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट या मतदाता पहचान पत्र)
  • भूमि स्वामित्व दस्तावेज (खसरा/खतौनी)
  • बैंक पासबुक की प्रति
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर (पंजीकृत)
  • पीएम-किसान पंजीकरण संख्या
  • आय प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक)

योजना के लिए आवेदन कैसे करें

  1. आधिकारिक वेबसाइट cmhelpline.mp.gov.in पर जाएं। योजना का चयन करें, फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें। रसीद डाउनलोड करें।
  2. स्थानीय पटवारी से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें। फॉर्म भरें, दस्तावेज संलग्न करें और पटवारी को जमा करें। पटवारी पीएम-किसान पोर्टल से सत्यापन करेगा और सूची राजस्व विभाग को भेजेगा।
  3. saara.mp.gov.in पर जाकर पीएम-किसान आईडी या नाम से लाभार्थी सूची देखें।
  4. आवेदन के बाद, सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर सहायता स्वचालित रूप से हस्तांतरित होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएंडक्यू)

प्रश्न 1: योजना में कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: वार्षिक 6,000 रुपये, तीन किस्तों में।

प्रश्न 2: क्या पीएम-किसान पंजीकरण अनिवार्य है?
उत्तर: हां, बिना इसके पात्र नहीं माने जाते।

प्रश्न 3: आवेदन कहां करें?
उत्तर: ऑनलाइन cmhelpline.mp.gov.in या ऑफलाइन पटवारी के माध्यम से।

प्रश्न 4: स्टेटस कैसे जांचें?
उत्तर: saara.mp.gov.in पर पीएम-किसान आईडी से।

प्रश्न 5: क्या महिलाएं आवेदन कर सकती हैं?
उत्तर: हां, यदि वे पात्रता मानदंड पूरा करती हैं।

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